fevicol kis chij se banta hai
fevicol kis chij se banta hai
फेविकॉल एक प्रकार का गोंद होता है जो उच्च घनत्व वाले धातु जैसे अल्यूमीनियम, ब्रास, सीएसएम और प्लास्टिक आदि से बनता है। इसमें आमतौर पर विनाशक (solvent) और एक समुद्री जीव की रेशेदार सामग्री होती है, जो इसे उच्च घनत्व वाले सबस्ट्रेट पर लगाने वाले प्रतिस्पर्धी उत्पादों से अलग बनाती है। फेविकॉल का उपयोग आमतौर पर लकड़ी और विभिन्न उद्योगों में काम करते समय दो या दो से अधिक सतहों को जोड़ने के लिए किया जाता है।
फेविकॉल एक प्रकार का पीवीए स्टिकर है जो श्वेत रंग का होता है। इसमें अस्थायी रूप से एस्टर, पॉलिविनील असेटेट, मेथानॉल और एक विशेष प्रकार के विनाशक शामिल होते हैं। जब फेविकॉल सबस्ट्रेट से संपर्क करता है, तो इसमें मौजूद विनाशक शीघ्र ही वायु में उठ जाते हैं और बच्चे को फेविकॉल के दोनों बिंदुओं को अपने आप जोड़ने की अनुमति देते हैं। इसके बाद शुष्क होने पर फेविकॉल बहुत मजबूत जोड़ बनाता है जो उस सतह को बिल्कुल भी हिलाने नहीं देता है। इसलिए फेविकॉल को लकड़ी, प्लास्टिक, पेपर, फॉम, कार्डबोर्ड आदि को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता है।
फेविकॉल बनाने की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होती है:
फेविकॉल का उत्पादन अस्थायी रूप से एस्टर, पॉलिविनील असेटेट, मेथानॉल और विशेष प्रकार के विनाशक से किया जाता है।
इन सभी सामग्रियों को एक साथ मिलाकर एक विशिष्ट तापमान और दबाव के तहत एक विशिष्ट समय तक पकाया जाता है। इस प्रक्रिया को पॉलिमरिज़ेशन कहा जाता है।
पॉलिमरिज़ेशन के बाद, उत्पाद को उच्च घनत्व वाले धातु जैसे अल्यूमीनियम, ब्रास, सीएसएम और प्लास्टिक आदि से बने सबस्ट्रेट पर लगाने के लिए तैयार किया जाता है।
जब फेविकॉल सबस्ट्रेट से संपर्क करता है, तो इसमें मौजूद विनाशक शीघ्र ही वायु में उठ जाते हैं और बच्चे को फेविकॉल के दोनों बिंदुओं को अपने आप जोड़ने की अनुमति देते हैं।
इसके बाद, शुष्क होने पर फेविकॉल बहुत मजबूत जोड़ बनाता है जो उस सतह को बिल्कुल भी हिलाने नहीं देता है।
यहीं तकनीकी प्रक्रिया से फेविकॉल बनता है

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